आईडीबीआई बैंक से लेकर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया तक: एनएसडीएल आईपीओ से पहले इन 4 बैंक शेयरों पर रहेगी नजर

Hetal Chudasma

भारत की सबसे बड़ी डिपॉजिटरी एनएसडीएल मार्च में 3,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्च करने जा रही है, जो पूरी तरह से बिक्री के लिए एक प्रस्ताव है. आईडीबीआई बैंक, यूनियन बैंक, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक जैसे प्रमुख बैंकिंग स्टॉक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, जिससे संभावित रूप से उनकी बैलेंस शीट में सुधार होगा और निवेशकों उनके शेयर खरीदने में  रुचि बढ़ेगी .

भारत की सबसे बड़ी डिपॉजिटरी, नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड यानी की NSDL, मार्च में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लॉन्च करने के लिए तैयार है. 3,000 करोड़ का यह सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह से 5.73 करोड़ शेयरों की बिक्री के लिए प्रस्ताव (OFS) है.

आईपीओ से पहले  इन चार बैंकिंग स्टॉक पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है जिसमे आईडीबीआई बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक शामिल है. ये स्टॉक निवेशकों का  अपनी ओर ध्यान आकर्षित कर सकते हैं क्योंकि वे इश्यू के विक्रय शेयरधारक हैं.

NSDL आईपीओ विवरण

NSDL आईपीओ पूरी तरह से एक ओएफएस है, जिसका अर्थ है कि शुद्ध आय कंपनी की बैलेंस शीट में नहीं जाएगी, बल्कि एनएसडीएल में अपनी हिस्सेदारी बेचने वाली संस्थाओं के खजाने में जाएगी.

NSDL के पब्लिक इश्यू के जरिए  आईडीबीआई बैंक , यूनियन बैंक ऑफ इंडिया , एसबीआई और एचडीएफसी बैंक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं. शुद्ध आय से इन भारतीय बैंकों की बैलेंस शीट में सुधार होने की उम्मीद है.

कुछ एक्सपर्ट  का मानना ​​है कि एनएसडीएल आईपीओ आईडीबीआई बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के तिमाही आंकड़ों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.

कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानि की डीआरएचपी के मुताबिक, आईडीबीआई बैंक  अपने 2.22 करोड़ शेयर बेचेगा,जब की   यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ओएफएस में 56.25 लाख शेयर बेचेगा. इसके अलावा एसबीआई बैंक इस इश्यू में 40 लाख शेयर बेचेंगे,और एचडीएफसी बैंक भी 40 लाख अपने शेयर बेचेंगी.

इन चार बैंकों के अलावा, NSDL के पब्लिक इश्यू में एनएसई 1.80 करोड़ शेयर बेच रहा है, और यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया के निर्दिष्ट उपक्रम के प्रशासक ओएफएस में 34.15 लाख शेयर बेच रहे हैं. टाटा मोटर्स ने टाटा टेक्नोलॉजीज आईपीओ के जरिए टाटा समूह की कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेची. इसी तरह, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक भी कंपनी में अपनी-अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं. टाटा टेक्नोलॉजीज का आईपीओ भी 100 फीसदी ओएफएस था और एनएसडीएल का आईपीओ भी 100 फीसदी ओएफएस होगा.”

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