बेस्ट म्यूचुअल फंड: इन लार्ज कैप स्कीमों ने पिछले 5 सालों में दिया सबसे ज़्यादा रिटर्न, क्या आपके पास भी है कोई फंड?

Hetal Chudasma

आज हम  पिछले पांच वर्षों के रिटर्न के आधार पर लार्ज कैप श्रेणी में शीर्ष प्रदर्शन करने वाली योजनाओं को सूचीबद्ध कर रहे हैं.

किसी भी  म्यूचुअल फंड  योजना में निवेश करने से पहले निवेशकों से अपेक्षा की जाती है कि वे उसी श्रेणी की अन्य योजनाओं की तुलना में उस योजना द्वारा दिए गए ऐतिहासिक रिटर्न की जांच करें. और उसके बाद ही उसमे निवेश करे.

आज, हम पिछले पांच साल के रिटर्न के आधार पर लार्ज कैप  श्रेणी में शीर्ष प्रदर्शन करने वाली योजनाओं की सूची बना रहे हैं. उल्लेखनीय रूप से देखे तो कई  ऐसे अन्य कारक भी हैं जो निवेशकों के निवेश निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं. जैसे की मैक्रो-इकोनॉमिक कारक, स्कीम का पिछला प्रदर्शन और फंड हाउस की प्रतिष्ठा, आदि…

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लार्ज कैप म्यूचुअल फंड उन योजनाओं को कहते हैं जो 80 प्रतिशत लार्ज कैप शेयरों में निवेश करती हैं. शीर्ष 100 कंपनियों की प्रतिभूतियों को जब उनके मार्केट कैप के आधार पर रैंक किया जाता है – तब उसे लार्ज कैप स्टॉक के रूप में जाना जाता है.

लार्ज कैप फंड 5-वर्ष-रिटर्न एयूएम (  करोड़)
एबीएसएल फ्रंटलाइन इक्विटी फंड 16.02 26,286
बड़ौदा बीएनपी परिबास लार्ज कैप फंड 15.55 2,302
केनरा रोबेको ब्लूचिप इक्विटी फंड 15.58 13,848
फ्रैंकलिन इंडिया ब्लूचिप फंड 15.28 7,065
एचडीएफसी लार्ज कैप फंड 17.81 33,913
निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप फंड 18.94 34,744
एसबीआई ब्लूचिप फंड 15.85 46,139
टाटा लार्ज कैप फंड 15.28 2,312

जैसा कि ऊपर दी गई तालिका से पता चलता है, निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप फंड ने पिछले 5 वर्षों में 18.94 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न दिया है.  एचडीएफसी लार्ज कैप फंड ने 17.81 प्रतिशत रिटर्न दिया है. आदित्य बिड़ला सन लाइफ फ्रंटलाइन इक्विटी फंड ने 16.02 प्रतिशत रिटर्न दिया है.

कोष्ठक में दिए गए इन सभी आठ शेयरों ने पिछले पांच वर्षों में 15 प्रतिशत से ज्यादा का वार्षिक रिटर्न दिया है.

फंड के आकार के नजरिए से देखा जाए तो सबसे बड़ी योजनाएं  में पहले नंबर पर एसबीआई ब्लूचिप फंड ने   46,139 करोड़, दूसरे नंबर पर निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप फंड  34,744 करोड़ और तीसरे नंबर पर  एचडीएफसी लार्ज कैप फंड 33,913 करोड़ रूपये पर  हैं.

यह ये बात ध्यान रखना ज़रूरी है कि निवेशकों को सिर्फ़ पिछले रिटर्न के आधार पर ही निवेश का फ़ैसला नहीं लेना चाहिए. जिन स्कीमों ने अच्छा रिटर्न दिया है, वे भविष्य में भी उतना ही रिटर्न दे सकती हैं या नहीं भी दे सकती हैं इसका कोई भरोसा नहीं है.  इसका मतलब यह है कि सिर्फ़ इसलिए कि किसी स्कीम ने अतीत में अच्छा प्रदर्शन किया है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह भविष्य में भी वैसा ही प्रदर्शन करेगी.

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